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पटना: चार प्रमुख सड़क परियोजनाओं की समीक्षा, मोकामा-मुंगेर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे सहित अन्य प्रोजेक्ट्स में निर्माण गति बढ़ाने के निर्देश

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पटना। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में सोमवार को चार प्रमुख सड़क परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मोकामा-मुंगेर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, सिवान-मशरख, बकरपुर-मानिकपुर और महेंशखूंट-सहरसा-पूर्णिया परियोजनाओं की भूमि अधिग्रहण, भौतिक प्रगति, समयसीमा और निर्माण में आ रही बाधाओं पर चर्चा हुई। सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों और एनएचएआई प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माण कार्य की गति बढ़ाई जाए और किसी भी प्रकार की बाधाओं को जल्द से जल्द दूर किया जाए।
मोकामा-मुंगेर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे: यह परियोजना 82.4 किलोमीटर लंबी चार-लेन ग्रीनफील्ड सड़क है, जो मोकामा से मुंगेर-चाननपुरा तक जाएगी। इसकी अनुमानित लागत 4447 करोड़ रुपए है। सचिव ने भूमि अधिग्रहण में आ रही समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। इस परियोजना के पूरा होने से पटना, लखीसराय, शेखपुरा और मुंगेर जिले के बीच यातायात सुगमता और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार होगा।
सिवान-मशरख परियोजना: इस परियोजना की लंबाई सिवान में 44.5 किलोमीटर और सारण जिले में 5.6 किलोमीटर है। कुल अनुमानित लागत लगभग 1399 करोड़ रुपये है। सचिव ने परियोजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए सभी बाधाओं का निराकरण आवश्यक है।
बकरपुर-मानिकपुर सड़क परियोजना: यह 38.81 किलोमीटर लंबी परियोजना पटना-बेतिया हाई-स्पीड कॉरिडोर का हिस्सा है। अनुमानित लागत लगभग 1422 करोड़ रुपये है। सचिव ने जिलाधिकारी से भूमि अधिग्रहण में आ रही कठिनाइयों को दूर करने का निर्देश देते हुए कहा कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास के लिए इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
महेंशखूंट-सहरसा-पूर्णिया सड़क परियोजना: यह 2-लेन उन्नयन परियोजना अंतिम चरण में है और इसका 91 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। सचिव ने शेष कार्य को अप्रैल माह तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने जिलाधिकारी को भू-अर्जन संबंधित सभी समस्याओं को तत्काल हल करने के निर्देश दिए।
सचिव पंकज कुमार पाल ने बैठक में जोर दिया कि सभी परियोजनाओं के समयबद्ध पूर्ण होने से न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और यातायात की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में भी योगदान मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समयसीमा दोनों का पूर्ण पालन किया जाए और किसी भी तरह की देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित परियोजना प्रबंधक भी मौजूद थे, जिन्होंने प्रत्येक प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति, आगामी कार्ययोजना और भूमि अधिग्रहण से संबंधित चुनौतियों पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रगति को नियमित रूप से मॉनिटर किया जाए और समस्याओं का तुरंत समाधान सुनिश्चित किया जाए।
यह समीक्षा बैठक इस बात का संकेत है कि बिहार सरकार सड़क और परिवहन के बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान करने के लिए गंभीर और सक्रिय है और समयबद्ध परियोजना पूर्णता पर विशेष जोर दे रही है।

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